दिसंबर से उड़ा सकेंगे ड्रोन, शर्तें लागू

अभी हमारे देश में ड्रोन उड़ाने को लेकर कई तरह की पाबंदियां सामने आती हैं, लेकिन दिसंबर में ड्रोन उड़ाने को कानूनी मंजूरी मिल सकती है. सिविल एविशन मिनिस्ट्री ने इस संबंध में एक नियमावली तैयार की है जो एक तीन माह बाद लागू हो जाएगी.
इसके लिए यूजर्स के लिए अपने ड्रोन, पायलट और ड्रोन मालिक का वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. प्रत्येक फ्लाइट यूजर को मोबाइल एप के जरिए परमिशन लेनी होगी और तुंरत ही आटोमेटिकली परमिट मिलने और नहीं मिलने की जानकारी मिल जाएगी. इस डिजिटल परमिशन के बिना उड़ान भरने वाला कोई भी ड्रोन टेकऑफ नहीं कर सकेगा.
drones

हालांकि इस परमिशन से कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं.
1. ड्रोन को केवल दिन के समय ही उड़ाने की अनुमति होगी.
2. एयरस्पेस को तीन भागों में विभाजित किया गया है- रेड जोन ( नो परमिशन एरिया), यलो जोन (कंट्रोल्ड हवाई क्षेत्र), और ग्रीन जोन (आटोमेटिक परमिशन)।
3. वजन के हिसाब से ड्रोन को पांच कैटेगरीज में रखा गया हैं, नैनो ड्रोन- 250 ग्राम, माइक्रो ड्रोन- 250 ग्राम से दो किलो, मिनी ड्रोन- दो किलो से 25 किलो, स्मॉल ड्रोन- 25 किलो से 150 किलो और लार्ज ड्रोन- 150 किलो वजन.

जहाँ पर्सनल और कमर्शियल कामों के लिए ड्रोन का यूज लगातार बढ़ रहा है, वहीं सैन्य मामलों में भी इसका काफी इस्तेमाल हो रहा है और आईएचएस इंटेलिजेंस रिव्यू की एक रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि मानवरहित टोही विमानों के लिए वैश्विक रक्षा और सुरक्षा जैसे सैन्य कामों में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन का बाजार 2024 में 10 अरब डालर तक पहुंच जाएगा. यह बाजार हर साल 5.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और अभी इसके लगभग सात अरब डाॅलर के होने का अनुमान लगाया गया है.

 

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