शेयर विद केयर

क्या आपको मालूम है कि विंसी की कालजयी पेंटिंग मोनालिसा 3000 ई.पू. में हमारे ही एक भारतीय पूर्वज ने बनाई थी और इसमें चित्रित स्त्री का नाम मोना-ली-शाह था? फिर तो आपको यह भी मालूम नहीं होगा कि 1506 में लियोनार्डो द विंसी नाम का एक इतालवी मिशनरी इसे चुराकर ले गया था. यही नहीं उसने इस पेंटिंग के रत्नजटित परिधानों में से सारे कीमती हीरे-जवाहरात चुरा लिए और उसके ठेठ भारतीय वस्त्र यानि साड़ी को एक मिशनरी पोशाक में बदल दिया.एक विख्यात राजनेता के पेज, जो कि इस पर मौजूद स्पष्टीकरण के मुताबिक उनका ऑफिशियल पेज नहीं है, पर दी गई इस पोस्ट को सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही लगभग 1600 लोग लाइक और 1800 लोग शेयर कर चुके हैं. जिस पेज पर यह पोस्ट पब्लिश गई है , उसे लाइक करने वालों की संख्या 10 हजार से भी ज्यादा है.

मीडिया, सबसे ज्यादा ट्विटर, व्हाट्सएप्प और फेसबुक, हर रोज हजारों की तादाद में ऐसी पोस्ट हमारे सामने आती हैं जो हमारी सेहत की हिफाजत, हमें जागरुक या जानकार बनाने, हमें चमत्कार दिखाने के लिए, हमारी दिलजोई जैसे महान मकसदों के लिए होती हैं और पसंद आने हम उन्हें लाइक और बहुत ज्यादा पसंद आने पर शेयर भी करते रहते हैं.लेकिन हर बार यह लाइक और शेयर निरापद नहीं होता. कई बार थोड़ी शरारत, थोड़ी शैतानी वाले इस खेल में दुष्ट लोग भी अपने कुत्सित इरादों में कामयाब हो जाते हैं. बीते दो-तीन सालों में कई जगह जातीय और सांप्रदायिक तनाव में फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर प्रचारित किए गए ‘हेट मैसेजेज’ की भूमिका उजागर हुई है. अगर बिना सोचे-विचारे इस्तेमाल किया जाए तो सोशल मीडिया समाज के लिए ही नहीं, खुद आपके लिए भी खतरनाक हो सकता है. आपकी किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा दिलाने वाली कोई भी पोस्ट आपकी जान को खतरे में डाल सकती है, शेयर करें फिर चमत्कार देखें को शेयर करते ही आपका अकाउंट और सिस्टम हैकर्स या वायरस की चपेट में आ सकता है. किसी अखबार की क्लिपिंग में नजर आने वाली कोई संवेदनशील खबर, मुमकिन है कि उस अखबार में कभी छपी ही न हो, वाल पर नजर आने वाली किसी चैनल की वीडियो क्लिपिंग जाली हो सकती है, किसी दावे की पुष्टि के लिए दिए गए आंकड़े और फैक्ट्स पूरी तरह गलत हो सकते हैं….यह सही है कि सोशल मीडिया पर सच की परख बहुत मुश्किल काम है, लेकिन इतनी सावधानी तो आप बरत ही सकते हैं कि जिस पर पूरा यकीन न हो, आंखें मूंदकर उसे प्रसारित न करें. तभी आप और आपके अपने इस खतरनाक जाल में फंसने से बचे रह सकते हैं.  

संदीप अग्रवाल


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