रोबोट कहेंगे आॅर्डर-आॅर्डर

दो महीने पहले हमने लीगल रिसर्च में हेल्प करने में सक्षम लाॅयर रोबोट के बारे में बताया था, अब इनका प्रमोशन हो गया है और ऐसे रोबोट डेवलप कर लिए गए हैं, जो कोर्ट में जजों की तरह काम कर सकेंगे.

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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल), शेफील्ड यूनिवर्सिटी और पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में रिसर्चर्स ने रीसेंटली इस तरह के रोबोट के साथ एक्सपेरिमेंट किया और पाया कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से युक्त ने ह्यूमैन राइट्स से रिलेटेड कुछ मैटर्स में न सिर्फ विटनेस की बातों को समझा, बल्कि कई मोरल इश्यूज पर अपनी खुद की सोच यूज करते हुए फैसला सुनाया, जिसकी एक्युरेसी 79 पर्सेंट रिकाॅर्ड की गई.

एक्स्प्लाॅयटेशन, वाॅयलेंस, प्राइवेसी राइट्स और ह्यूमैन राइट्स वाॅयलेशन से रिलेटेड 5 में से 4 केसों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जज ने उसकी सटीकता के साथ जजमेंट दिया, जैसा कि किसी भी यूरोपियन जज की कोर्ट में डिलीवर होता.

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