जमीन को खा जाएगा समंदर

ईकोलाॅजिस्ट्स ने वार्न किया है कि ओशंस के थर्मल एक्पेंसन, माउंटेन ग्लेशियर के पिघलने और ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने से आईस लेयर्स गलने की वजह से सी लेवल में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. अगर यह इसी तरह बढ़ता रहा तो सी लेवल में एक मीटर और छह मीटर की बढ़ोतरी से इंडियन सबकाॅन्टिनेंट के तटीय इलाकों में सी इन्वेजन की वजह से रेस्पेक्टिवली 13973 स्क्वायर किमी और 60497 स्क्वायर किमी जमीन समंदर की गोद में समा जाएगी.

sea level

एक्सपर्ट्स ने यह भी बताया है कि समुद्र के अंदर घुस आने से इंडिया के 48 में से 18 ईको रीजन अफेक्टेड हो सकते हैं. एक मीटर सी लेवल बढ़ने का मतलब है कि गोदावरी-कृष्णा मैंग्रोव (समुद्र के समीप पैदा होने वाली वनस्पति) ईको रीजन में से करीब एक चौथाई पानी में समा जाएगा जबकि बंगाल में सुंदरबन का यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेड एरिया अपना करीब आधा हिस्सा गंवा सकता है.

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