एक जोक हो जाए

इंटरनेशनल जोक डे (1 जुलाई): जोक्स तो आपने भी खूब सुने होंगे, सुनाए होंगे. लेकिन, क्या कभी आपने सोचा है कि आपको कुछ ही जोक्स क्यों याद रह जाते हैं? इसकी वजह सिर्फ जोक का अच्छा होना ही नहीं होती है, बल्कि उसे सुनाने वाले का स्टाइल भी एक जोक को लंबे समय तक याद रखने लायक बनाता है. वर्ना तो जोक सुनाने वाला खुद ही जोकर बनकर रह जाता है. अगर आपको भी जोक सुनाने का शौक है और आप दूसरों को इम्प्रेस करना चाहते हैं तो कुछ टिप्स हाजिर हैं…

Image Courtesy : 1212eins(Pixabay)

कॉन्फिडेंस, कॉन्फिडेंस और कॉन्फिडेंस
इम्पे्रसिव तरीके से जोक सुनाने की सबसे पहली शर्त है, आपका कॉन्फिडेंट स्टाइल. इसके लिए दो चीजें जरूरी हैं, एक तो यह कि आप जो जोक सुना रहे हैं, वह आपको डिटेल्स एंड डायलॉग के लेवल पर इतनी अच्छी तरह याद होना चाहिए कि आप सुनाते हुए बीच में कहीं न अटकें. और दूसरी ये कि आप कभी इस डर को दूसरों पर हावी न होने दें कि जो जोक आप सुनाने जा रहे हैं, वह सामने वाले ने पहले से सुना हुआ हो सकता है. तीसरी एक और इम्पोर्टेंट चीज यह है कि आप आपका जोक सुनाते हुए बीच में आप खुद मत हँसने लगिए. इसके लिए आपको सिर्फ इतनी तैयारी करनी है कि उस जोक को खुद को ही बार-बार सुनाईए. जब तक कि आपको उस पर हँसी आनी न बंद हो जाए.
सलेक्शन ऑफ जोक
याद रखें कि यूनिवर्सल जोक्स जैसी कोई चीज नहीं होती. सबके सेंस ऑफ ह्यूमर का लेवल अलग-अलग होता है. इसलिए जोक सुनाते वक्त जोक का सलेक्शन बहुत इम्पोर्टेंट होता है. आपका जोक ओकेजन के अकार्डिंग होना चाहिए. यानि अगर पार्टी है तो पार्टी के हिसाब से जोक्स, क्लास में हैं तो क्लास के हिसाब से. इसी तरह जोक का सलेक्शन करते हुए सरराउंडिंग का भी ध्यान रखें कि आप किन लोगों के बीच जोक सुनाने जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि अगर आप टार्गेट ऑफ ऑडियेंस बच्चे हैं तो आपका जोक उनकी समझ के हिसाब से होना चाहिए और अगर आप अपने हमउम्र युवा दोस्तों के बीच जोक्स शेयर कर रहे हैं तो अलग तरह के जोक्स यूज कर सकते हैं. इसी तरह फेमिली गेटटुगेदर में आपको बड़ों का ख्याल रखते हुए जोक्स का सलेक्शन करना होता है.
स्टाइल के साथ सुनाएं
जब आप किसी को जोक्स सुनाने जा रहे हैं तो इस बात पर जरूर ध्यान दें कि आपका स्टाइल कैसा है. सबसे पहली बात, आपके जोक्स की स्टार्टिंग प्रेजेंट टेंस में, जैसे कि ‘‘ एक डॉक्टर होता है, वो एक दिन दूसरे डॉक्टर के पास जाता है…‘‘ नहीं होनी चाहिए. यह जोक्स सुनाने का सबसे बोरिंग तरीका है. इसी बजाए, ‘‘एक डॉक्टर था, वह एक दिन दूसरे डॉक्टर के पास गया…’’ वाला स्टाइल होना चाहिए. इसके अलावा जोक्स में संटेंस को रिपीट न करें, उसे अननेसेसरी लंबा न खींचे. उसमें किसी भी चीज को एक्सप्लेन न करें क्योंकि आप जोक सुना रहे हैं, जीके की क्लास नहीं ले रहे हैं. मतलब यह कि जोक कसा हुआ होना चाहिए और उसके अंत में एक पंच होना चाहिए. सरप्राइजिंग एंडिंग वाले जोक सबसे अच्छे माने जाते हैं, जिनके खत्म होते ही सुनने वाले को लगे कि अरे ! ये क्या, ये तो मेरे ख्याल में ही नहीं आया था. आप अगर अलग-अलग किस्म की आवाजें निकालने के शौकीन हैं तो आप अपने जोक्स में डायलॉग बोलते हुए उनमें आवाज बदल-बदल कर वैरायटी ला सकते हैं.
पर्सनल होने से बचें
जब आप कहीं जोक्स सुना रहे हैं, तो यह ध्यान जरूर रखें कि कहीं आपका जोक्स पर्सनली तो किसी को हर्ट नहीं कर रहा. जैसे कि आप अपने जोक्स में करेक्टर्स के नामों अथवा सरनेम्स को वहाँ मौजूद लोगों के नाम से रिप्लेस न करें. इसी तरह आपके जोक्स किसी के प्रोफेशन, रिलीजन कास्ट अथवा नेशनलटी पर अटैक करने वाले नहीं होने चाहिए. वर्ना होगा यह कि आप चाहेंगे तो लोगों को गुदगुदाना है, लेकिन वे मन में आपके प्रति खटास लेकर लौटेंगे. इसी तरह पब्लिकली नॉन वेज जोक्स न सुनाएं. भले ही आप अपने क्लोज्ड फ्रेंड्स के ग्रुप में हैं, लेकिन वल्गर जोक्स सुनाने से परहेज करें. क्योंकि ऐसे जोक्स आपकी इमेज को काफी चीप बना सकते हैं.
अपडेट होते रहें
अक्सर आपने देखा होगा कि आपके ज्यादातर फ्रेंड्स आपको कुछ ही जोक्स बार-बार सुनाते रहते हैं. आप इस आदत से बचिए. न्यूजपेपर्स, मैगजींस, इंटरनेट साइट्स…नए जोक्स के लिए बहुत सारे रिसोर्सेज एवेलेबल हैं, जिनकी आप हैल्प ले सकते हैं. अगर आप नए-नए जोक्स सुनाएंगे तो आपके जोक के बीच कोई यह नहीं बोलेगा कि ‘‘अरे यार, ये तो बहुत पिटा हुआ है…’’
सबसे अंत में, यह न भूलें कि हादसे कहीं भी हो सकते हैं. इसी तरह जोक टेलिंग के दौरान या बाद में भी हादसे हो सकते हैं. जैसे कि सुनने वाले आपको बीच में ही हूट कर सकते हैं. या हो सकता है कि किसी पार्टी में आपका जोक खत्म हो जाए और आप ऑडिएंस को आपकी ओर क्वेश्चनमार्क के साथ देखता पाएं कि शायद आप कुछ और कहने वाले हैं. ऐसे में अपसेट न हों और न ही ऑडिएंस की अक्ल को कोसें, इसी बजाए उनसे अपोलोजाइज करते हुए एक और जोक सुनाने की परमिशन मांग लें. या फिर यह भी कर सकते हैं कि उसी जोक के करेक्टरों को लेकर उसी में एक नया जोक जोड़कर सुना दें. ‘‘ ऐसे ही एक बार वे दोनों…’’ जैसे एक्सप्रेशंस दो जोक्स को आसानी से जोड़ सकते हैं.

संदीप अग्रवाल

Filed in: Editor's Notes, Lifestyle

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