चीटिंग के चांसेज

मैक्सिम फेमिलीज में यही सिस्टम काम करता है कि हसबैंड-वाइफ में से एक अर्निंग के लिए काम करता है, दूसरा घर पर रहकर घर और बच्चों की देखभाल. लेकिन, इस सिस्टम में एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशनशिप की पाॅसिबलिटी रहती है. एकस्टडी के अकाॅर्डिंग, यदि घर की देखभाल करने का जिम्मा वाइफ का है तो उसके एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशंस होने के चांसेज 5 पर्सेंट होते हैं. लेकिन, मेल में चीटिंग की फितरत इससे तीन गुना ज्यादा होती है.
 
 
स्टडी रिवील करती है कि अगर यही रिस्पाॅन्सिबिलिटी हसबैंड अपने हाथ में लेता है तो उसके चीटिंग करने के  चांसेज 15 पर्सेंट होते हैं. स्टडी का यह भी कहना है कि जो मेल या फीमेल ईकोनाॅमिकली इंडीपेंडेंट होते हैं, उनके अपने पार्टनर के प्रति ज्यादा फेथफुल होने की पाॅसिबिलिटीज ज्यादा होती है.
 
अमेरिकन सोशिओलाॅजिकल रिव्यू में पब्लिश्ड इसस्टडी, जिसकी आॅथर यूनिवर्सिटी आॅफ कनेक्टिक्ट में प्रोफेसर क्रिस्टीना मंश हैं, में 18 से 32 साल के 2,237 ऐसे कपल्स ने पार्टिसिपेट किया था, जो एक साल या इससे अधिक वक्त से एक साथ रह रहे हैं.
 
इसमें यह भी पता चला कि जैसे-जैसे मैन की अर्निंग का अमाउंट उसकी वाइफ की अर्निंग के कम्प्रीजन में इन्क्रीज होता जाता है, उनके चीटिंग करने के चांसेज कम होते जाते हैं. इंट्रेस्टिंगली, जब ये डिफरेंस 70 पर्सेंट तक पहुंच जाता है, तो उनके चीट करने की संभावनाएं फिर से बढ़ने लगती हैं.
Filed in: A-zone

You might like:

बूझो तो जानें बूझो तो जानें
इंकम वर्सेज चीटिंग इंकम वर्सेज चीटिंग
मार्स कॉलिंग मार्स कॉलिंग
किसकी बात, किसका मुंह किसकी बात, किसका मुंह
© 3360 A touch of tomorrow !. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by Theme Junkie.