मून के बदले रिंग

मार्स के डेईमोस और फोबोस मून्स यानी सेटेलाइट्स में से बड़ा, फोबोस अपनी एग्जिस्टेंस के आखिरी दौर में आ पहुँचा है. वह धीरे-धीरे अपनी मौत की तरफ बढ़ रहा है और एक दिन वह छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखरकर रेड प्लेनेट के चारों तरफ फैल जाएगा और सैटर्न या जुपिटर के रिंग्स की तरह उसे घेर लेगा.

phobos._FotoSketcher

हालांकि इस अंत के आने में अभी 20 से 40 मिलियन ईयर्स लग सकते हैं और इसके बाद इस रिंग्स के फाॅर्म होने में एक मिलियन से 100 मिलियन साल तक का समय लग सकता है. सेलेस्टियल कलेंडर में यह पीरियड कोई बहुत खास नहीं माना जाता. साइंटिस्ट्स ने फोबोस के लसीलेपन का इस्टीमेट लगाकर यह कन्क्ल्यूजन निकाला है कि यह मार्स की टाइडल फोर्स को रेसिस्ट करने के हिसाब से सफिशिएंट नहीं है और जब यह उसके करीब जाएगा तो टुकड़ों में बंट जाएगा.

अर्थ के मून की तरह मार्स पर भी फोबोस के डिफरेंट पार्ट्स अलग-अलग तरह से खिंचाव पैदा करते हैं. फोबोस, जो कि बहुत सारे क्रेटर्स और रब्बल्स से भरा है, मार्स के पास जाने पर इस खिंचाव को फेस नहीं कर पाएगा और बिखर जाएगा. इसके मलवे का बहुत सारा हिस्सा, मार्स का चक्कर लगाना शुरू कर देगा, जो धीरे-धीरे एक परमानेंट रिंग में बदलता जाएगा.

Filed in: Planet Next

You might like:

हर दिन है खास हर दिन है खास
विलुप्त हो जाएंगी भाषाएं विलुप्त हो जाएंगी भाषाएं
ब्रेनटॉप के लिए रेडी हैं? ब्रेनटॉप के लिए रेडी हैं?
Earth hour Earth hour
© A touch of tomorrow !. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by Theme Junkie.