फाइट कोरोना, विद रोबोट

ऐसे वक्त में जब दुनिया का हर इंसान कोरोना नामक विषाणु से डरा हुआ है, इससे मुकाबले के लिए अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग तरीके से रोबोट्स के इस्तेमाल की खबरें आ रही हैं.

उत्तर प्रदेश के नोएडा के एक निजी अस्पताल ने कोविद फाइटर नाम का एक रोबोट तैनात किया है, जो डॉक्टरों, नर्सों और दूसरे मेडिकल स्टाफ को कोरोना के इन्फेक्शन से बचाते हुए संक्रमित रोगियों की देखभाल करेगा. यह हेल्थकेयर स्टॉफ और रोगियों के बीच कम्युनिकेटर का काम करेगा और पीड़ितों को मेडिसिन, खाना और दूसरी चीजों की सप्लाई तथा उनके द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी चीजों को इकट्ठा करेगा. फेलिक्स हॉस्पिटल और एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से डेवलप किए गए इस रोबोट के तीस और एडिशन जल्दी ही उप्र के विभिन्न हॉस्पिटलों में तैनात किए जाएंगे. उम्मीद जताई गई है कि यह भीड़भाड़ वाले इलाकों कोरोना संक्रमित रोगियों की स्कैनिंग करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इसी तरह केरल में असिमोव रोबोटिक्स नामक एक स्टार्टअप ने,केरल स्टार्ट अप मिशन (केएसयूएम) के अंतर्गत, एक कम्प्यूटर प्रोग्राम मशीन डेवलप की है, जिसके तहत दो रोबोट कोरोना से लड़ाई में इस्तेमाल किए जा रहे हैं. एक रोबोट रोकने के लिए मास्क, सैनेटाइजर और नैपकिन वितरित करता है जबकि दूसरे की स्क्रीन पर इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए वर्ल्ड हेल्थ आॅर्गेनाइजेशन की ताजा जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं.केएसयूएम इन रोबोट को सार्वजनिक स्थलों पर लगाने पर विचार कर रहा है.

कंपनियां ही नहीं, बल्कि निजी तौर पर भी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं. जैसे कि दुबई के एक क्लास 7 स्टुडेंट ने जब देखा कि लोग सेनेटाइजर की बोतल का इस्तेमाल कर खुद को तो संक्रमणमुक्त कर लेते हैं, लेकिन उनके छूने से बोतल कोरोना का वायरस छूट सकता है और दूसरे व्यक्ति तक पहुँच सकता है तो उसने एक ऐसा रोबोट डेवलप कर लिया, जो तीस सेंटीमेटर की दूरी से ही हाथ को पहचान कर सेनिटाइजर रिलीज कर देता है, जिसकी वजह से इसे छुए बिना ही हाथ धोए जा सकते हैं.

Filed in: Robotopia

You might like:

हर दिन है खास हर दिन है खास
पागलपंती भी जरूरी है पागलपंती भी जरूरी है
रोबो बेबी एफेट्टो रोबो बेबी एफेट्टो
डाॅन्ट मिस इट… डाॅन्ट मिस इट…
© A touch of tomorrow !. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by Theme Junkie.