कोरोना : डर या समझदारी ?

वायरस तो हर साल दो साल में आते रहे हैं. कभी सार्स, कभी निपाह, कभी ई—बोला, कभी जीका, लेकिन कोरोना जितनी तेजी से और जितनी दूर तक फैला है, उसने पूरी दुनिया को डरने के लिए मजबूर कर दिया है. डरने की बात भी है… ढाई महीने से भी कम अरसे में इसने दुनिया के ढाई लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है और दस हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि, नब्बे हजार लोग रिकवर भी हो चुके हैं, फिर भी डेढ़ लाख लोग अभी भी इसके संक्रमण के शिकार बने हुए हैं.

यह स्थिति बहुत डरावनी है, क्योंकि जितनी तेजी से यह वायरस लोगों को अपना शिकार बना रहा है, उसके सामने जाँच और इलाज करने के लिए सेंटर काफी कम पड़ रहे हैं. और यह भी बहुत चिंता की बात है कि इससे होने वाले नुकसान का पहले से अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. जैसे कि यह चीन के वुहान से शुरू हुआ, अपने करीब 3250 नागरिकों की जान गंवाकर वह तो अपने आपको इसके असर से लगभग मुक्त कर चुका है, वहीं यह यूरोपियन देशों में जमकर कहर बरपा रहा है. इनमें इटली और स्पेन और एशिया में ईरान जैसे देश सबसे ज्यादा शिकार बने हैं, जहाँ कोरोना से होने वाली बीमारी कोविड—19 की वजह से मरने वालों की संख्या क्रमश: चौंतीस सौ, एक हजार और चौदह सौ का आंकड़ा पार कर चुकी है.

यह अच्छी बात तो है कि हमारा देश इस सूची में 52 वें स्थान पर है, लेकिन यहाँ भी करीब सवा दो सौ लोग इसके संक्रमण के शिकार हैं. जिनमें सिर्फ दस प्रतिशत ही रिकवर हो सके हैं. इसलिए निश्चिंत होकर नहीं रहा जा सकता.

भारत सरकार ने इस आपदा का सामना करने और इस महामारी पर काबू पाने के लिए समय रहते कई अच्छे कदम उठाए हैं और जनहित में निरंतर नए—नए फैसले लिए जा रहे हैं, लेकिन अगर आम जनता इनमें सहयोग नहीं करती तो यह सारे प्रयास निरर्थक ही साबित होंगे.

आइए देखें कि हम कोरोना के खिलाफ इस जंग में किस प्रकार अपना योगदान दे सकते हैं.

  1. साफ—सफाई का ध्यान रखें. इस साफ—सफाई में अपने हाथ, मुंह और आँखों को साबुन या सेनिटाइजर से धोना, अपने इस्तेमाल की चीजों को साफ करते रहना और घर को साफ—सुथरा रखना शामिल है.
  2. जितना संभव हो, अनजान लोगों से मिलने से बचें. और जान—पहचान वाले व्यक्तियों से भी दूर से ही बात करें.
  3. जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें और अगर निकलें तो अपने चेहरे को मास्क या कॉटन के कपड़े से अच्छी तरह कवर करके ही बाहर निकलें.
  4. बाहर, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल से बचें. शहर से बाहर जाने का कार्यक्रम स्थगित करें.
  5. अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किए बिना काम न चल रहा हो तो बस या लोकल ट्रेन में चलते हुए ग्लोव्स का यूज करें.
  6. ऐसे किसी कार्यक्रम में जाने से बचें, जहाँ बहुत ज्यादा लोगों के आने की संभावना हो.
  7. ज्यादातर राज्यों में जिम, रेस्टोरेंट, थिएटर, पार्क आदि बंद कर दिए गए हैं. लेकिन, जहाँ ऐसा नहीं है, वहाँ आप अपनी ओर से ऐसी जगहों से परहेज करें.
  8. अगर आपको या आपके घर में किसी को खाँसी, सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की समस्या है तो इसे लेकर लापरवाही न बरतें और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाकर उचित जाँच व इलाज कराएं.
  9. अगर आप स्वस्थ हैं तो भी बेहतर होगा कि आप इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों को सेवन शुरू कर दें.
  10. कोरोना को लेकर व्हाट्स एप्प और फेसबुक पर शेअर की जा रही खबरों पर भरोसा न करें और विश्वसनीय टीवी चैनलों या समाचार पत्रों पर ही भरोसा करें. न तो अफवाहों पर विश्वास करें और न ही इनके प्रसार में हिस्सा लें.

याद रखिए, ये छोटी—छोटी सावधानियां न सिर्फ आपको, बल्कि आपके आसपास के सभी लोगों को कोरोना से मुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

दीपशिखा अग्रवाल

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