List/Grid Editor's Desk Subscribe RSS feed of category Editor's Desk

मत छीनो अंधेरा

मत छीनो अंधेरा

दुनिया भर में अलग-अलग स्तरों पर ज्यादा से ज्यादा रोशनी का इंतजाम करने की कवायदें जारी हैं. कहीं नकली सूरज बनाने की तैयारी चल रही है, कहीं आईने लगाकर उसकी… Read more »

शेयर विद केयर

शेयर विद केयर

क्या आपको मालूम है कि विंसी की कालजयी पेंटिंग मोनालिसा 3000 ई.पू. में हमारे ही एक भारतीय पूर्वज ने बनाई थी और इसमें चित्रित स्त्री का नाम मोना-ली-शाह था? फिर… Read more »

मनुष्य और महात्मा

मनुष्य और महात्मा

1971 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी इतनी कद्दावर हो गईं थीं कि लोगों की आस्था विभाजित हो गई और राजनीति को समझ में आने लगा कि अतीत के गाँधी जी का अनुसरण करने से भविष्य के गाँधियों का अनुसरण करना ज्यादा लाभदायक है और तब से पीढ़ी दर पीढ़ी गाँधी वंदना का जो कार्यक्रम आरंभ हुआ, वह आज तक जारी है.

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

दूंगा एक उल्टे हाथ का…अक्सर हल्की-फुलकी फाइट में इन्वाॅल्व लोगों को ये डायलाॅग बोलते सुना होगा…और एकदम अर्ली चाइल्डहुड में लेफ्ट हैंड से लिखने पर मां और टीचर जी की… Read more »

नहीं चलेगी झांसेबाजी

नहीं चलेगी झांसेबाजी

विज्ञापनों में अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज के बारे में बढ़चढ़ कर दावे करना, कारपोरेट सेक्टर का एक फेवरेट स्टाइल रहा है. कई बार तो ये सारी सीमाएं लांघ जाते हैं…. Read more »

मानसून में क्लाउड कम्प्यूटिंग?

मानसून में क्लाउड कम्प्यूटिंग?

किसी मित्र ने एक पुराना यूट्यूब वीडियो शेयर किया है. इसमें एक पूर्व आला आयकर अधिकारी और समाजसेवी सज्जन ( नाम जानबूझकर नहीं दिया जा रहा है) क्लाउड कम्प्यूटिंग और… Read more »

पागलपंती भी जरूरी है

पागलपंती भी जरूरी है

एक शीतल पेय के विज्ञापन की इस पंचलाइन से पूरी तरह सहमत होना शायद आपको तर्कसंगत न लगे, लेकिन इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि ज्ञान के प्रभुत्व वाले… Read more »

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

कन्ज्यूमर राइट्स के प्रोटेक्शन के लिए सरकार पार्लियामेंट के विंटर सेशन में एक ऐसा बिल इन्ट्रोड्यूस करने की तैयारी में है, जिसमें सोकाॅल्ड मिसगाइडिंग एडवर्टाइजमेंट्स पर लगाम लगाने की बात कही… Read more »

आधार की मार

आधार की मार

करीब सात साल पहले, जब देश में आधार या यूआईडी का आगाज हुआ था तो यह एक बेहद क्रांतिकारी और दूरगामी फायदों वाली पहल मानी जा रही थी. गैस सिलेंडरों… Read more »

एक जोक हो जाए

एक जोक हो जाए

टेल ए जोक डे (16 अगस्त) जोक्स तो आपने भी खूब सुने होंगे, सुनाए होंगे. लेकिन, क्या कभी आपने सोचा है कि आपको कुछ ही जोक्स  क्यों  याद रह जाते हैं?… Read more »

कितनी परफेक्ट है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

कितनी परफेक्ट है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के नफे-नुकसान और इसकी हदों से जुड़े बहुत सारे सवाल व तर्क-वितर्क अक्सर आपने सुने होंगे, लेकिन पिछले दो हफ्तों में अमेरिका और रूस में दो ऐसी घटनाएं… Read more »

नदियां आभारी हैं

नदियां आभारी हैं

पिछले सप्ताह जब न्यूजीलैंड की सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वांगनुई नदी को एक जीवित इंसान का दर्जा देते हुए, उसे प्रदूषित करने को मानव हत्या सरीखा माने… Read more »

© A touch of tomorrow !. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by Theme Junkie.