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मत छीनो अंधेरा

मत छीनो अंधेरा

दुनिया भर में अलग-अलग स्तरों पर ज्यादा से ज्यादा रोशनी का इंतजाम करने की कवायदें जारी हैं. कहीं नकली सूरज बनाने की तैयारी चल रही है, कहीं आईने लगाकर उसकी… Read more »

पागलपंती भी जरूरी है

पागलपंती भी जरूरी है

एक शीतल पेय के विज्ञापन की इस पंचलाइन से पूरी तरह सहमत होना शायद आपको तर्कसंगत न लगे, लेकिन इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि ज्ञान के प्रभुत्व वाले… Read more »

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

कन्ज्यूमर राइट्स के प्रोटेक्शन के लिए सरकार पार्लियामेंट के विंटर सेशन में एक ऐसा बिल इन्ट्रोड्यूस करने की तैयारी में है, जिसमें सोकाॅल्ड मिसगाइडिंग एडवर्टाइजमेंट्स पर लगाम लगाने की बात कही… Read more »

आधार की मार

आधार की मार

करीब सात साल पहले, जब देश में आधार या यूआईडी का आगाज हुआ था तो यह एक बेहद क्रांतिकारी और दूरगामी फायदों वाली पहल मानी जा रही थी. गैस सिलेंडरों… Read more »

एक जोक हो जाए

एक जोक हो जाए

टेल ए जोक डे (16 अगस्त) जोक्स तो आपने भी खूब सुने होंगे, सुनाए होंगे. लेकिन, क्या कभी आपने सोचा है कि आपको कुछ ही जोक्स  क्यों  याद रह जाते हैं?… Read more »

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

दूंगा एक उल्टे हाथ का…अक्सर हल्की-फुलकी फाइट में इन्वाॅल्व लोगों को ये डायलाॅग बोलते सुना होगा…और एकदम अर्ली चाइल्डहुड में लेफ्ट हैंड से लिखने पर मां और टीचर जी की… Read more »

कितनी परफेक्ट है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

कितनी परफेक्ट है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के नफे-नुकसान और इसकी हदों से जुड़े बहुत सारे सवाल व तर्क-वितर्क अक्सर आपने सुने होंगे, लेकिन पिछले दो हफ्तों में अमेरिका और रूस में दो ऐसी घटनाएं… Read more »

नदियां आभारी हैं

नदियां आभारी हैं

पिछले सप्ताह जब न्यूजीलैंड की सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वांगनुई नदी को एक जीवित इंसान का दर्जा देते हुए, उसे प्रदूषित करने को मानव हत्या सरीखा माने… Read more »

दायरे से बाहर की दुनिया

दायरे से बाहर की दुनिया

एक और साल बदल गया…नई सदी का 17 वां साल…पूरी दुनिया बदल रही है. हमारी कल्पनाओं की गति से भी ज्यादा तेज. दसों दिशाओं में बदलाव है और हमारी नजरें… Read more »

जिंदगी की कील पे वक्त के कलेंडर

जिंदगी की कील पे वक्त के कलेंडर

बस कुछ ही पल बाद वक्त फिर बदल जाएगा…हर क्षण, हर पल बदलता है. लेकिन, अभी का बदलना किसी क्षण का या पल का बदलना नहीं है. यह बदलना है, जैसे… Read more »

नहीं चलेगी झांसेबाजी

नहीं चलेगी झांसेबाजी

विज्ञापनों में अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज के बारे में बढ़चढ़ कर दावे करना, कारपोरेट सेक्टर का एक फेवरेट स्टाइल रहा है. कई बार तो ये सारी सीमाएं लांघ जाते हैं…. Read more »

नोटो पर कसीदाकारी

नोटो पर कसीदाकारी

 नए करेंसी नोटों से जुड़ी एक खबर पिछले दो-तीन दिनों से फेसबुक पर काफी पब्लिश और शेयर की जा रही है, जिसमें रिजर्व बैंक के एक सर्कुलर का हवाला देते… Read more »

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