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भविष्य की भाषा

भविष्य की भाषा

दोस्तों, भाषा और लिपि ऐसे विषय हैं, जिस पर बड़े-बड़े ग्रंथ लिखे गए हैं, लिखे जा रहे हैं और लिखे जा सकते हैं. इसलिए यहाँ बहुत विस्तार में न जाते… Read more »

रोबोटिक्स के जन्मदाता इसाक असिमोव

रोबोटिक्स के जन्मदाता इसाक असिमोव

आज विश्वप्रसिद्ध लेखक इसाक असिमोव का सौंवा जन्मदिन है. रूस के पेत्रोविची में जन्मे असिमोव इतने जबर्दस्त लिखाड़ थे कि उन्होंने अपने लगभग अर्द्धशती लंबे लेखकीय जीवन में विभिन्न विषयों… Read more »

वक्त के कलेंडर

वक्त के कलेंडर

बस कुछ ही पल बाद वक्त फिर बदल जाएगा…हर क्षण, हर पल बदलता है. लेकिन, अभी का बदलना किसी क्षण का या पल का बदलना नहीं है. यह बदलना है, जैसे… Read more »

शेयर विद केयर

शेयर विद केयर

भारतीय पूर्वज ने बनाई थी और इसमें चित्रित स्त्री का नाम मोना-ली-शाह था? फिर तो आपको यह भी मालूम नहीं होगा कि 1506 में लियोनार्डो द विंसी नाम का एक इतालवी मिशनरी इसे चुराकर ले गया था.

मानसून में क्लाउड कम्प्यूटिंग?

मानसून में क्लाउड कम्प्यूटिंग?

किसी मित्र ने एक पुराना यूट्यूब वीडियो शेयर किया है. इसमें एक पूर्व आला आयकर अधिकारी और समाजसेवी सज्जन ( नाम जानबूझकर नहीं दिया जा रहा है) क्लाउड कम्प्यूटिंग और… Read more »

मत छीनो अंधेरा

मत छीनो अंधेरा

दुनिया भर में अलग-अलग स्तरों पर ज्यादा से ज्यादा रोशनी का इंतजाम करने की कवायदें जारी हैं. कहीं नकली सूरज बनाने की तैयारी चल रही है, कहीं आईने लगाकर उसकी… Read more »

शेयर विद केयर

शेयर विद केयर

क्या आपको मालूम है कि विंसी की कालजयी पेंटिंग मोनालिसा 3000 ई.पू. में हमारे ही एक भारतीय पूर्वज ने बनाई थी और इसमें चित्रित स्त्री का नाम मोना-ली-शाह था? फिर… Read more »

मनुष्य और महात्मा

मनुष्य और महात्मा

1971 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी इतनी कद्दावर हो गईं थीं कि लोगों की आस्था विभाजित हो गई और राजनीति को समझ में आने लगा कि अतीत के गाँधी जी का अनुसरण करने से भविष्य के गाँधियों का अनुसरण करना ज्यादा लाभदायक है और तब से पीढ़ी दर पीढ़ी गाँधी वंदना का जो कार्यक्रम आरंभ हुआ, वह आज तक जारी है.

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

लेफ्ट हैंडर्स डे 13 अगस्त को

दूंगा एक उल्टे हाथ का…अक्सर हल्की-फुलकी फाइट में इन्वाॅल्व लोगों को ये डायलाॅग बोलते सुना होगा…और एकदम अर्ली चाइल्डहुड में लेफ्ट हैंड से लिखने पर मां और टीचर जी की… Read more »

नहीं चलेगी झांसेबाजी

नहीं चलेगी झांसेबाजी

विज्ञापनों में अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज के बारे में बढ़चढ़ कर दावे करना, कारपोरेट सेक्टर का एक फेवरेट स्टाइल रहा है. कई बार तो ये सारी सीमाएं लांघ जाते हैं…. Read more »

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

सेव द क्रिएटिव एडवर्टाइजिंग

कन्ज्यूमर राइट्स के प्रोटेक्शन के लिए सरकार पार्लियामेंट के विंटर सेशन में एक ऐसा बिल इन्ट्रोड्यूस करने की तैयारी में है, जिसमें सोकाॅल्ड मिसगाइडिंग एडवर्टाइजमेंट्स पर लगाम लगाने की बात कही… Read more »

आधार की मार

आधार की मार

करीब सात साल पहले, जब देश में आधार या यूआईडी का आगाज हुआ था तो यह एक बेहद क्रांतिकारी और दूरगामी फायदों वाली पहल मानी जा रही थी. गैस सिलेंडरों… Read more »

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