दर्द का एहसास


कहते हैं कि मशीनों में फीलिंग्स नहीं होती, लेकिन सिंगापुर स्थित नॉनयॉन्ग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस बात को गलत साबित करते हुए इंसानी दिमाग से प्रेरित होकर एक ऐसा सिस्टम डेवलप किया है, जो दिमाग की तरह रोबोट्स में फिट किया जाए तो वे न सिर्फ दर्द महसूस करेंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी रिपेयर भी कर सकेंगे.


इस सिस्टम में एआई युक्त सेंसर लगाए गए हैं, जो किसी बाहरी दबाव से उत्पन्न होने वाले दर्द को अनुभव कर उस पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं. यह सिस्टम रोबोट्स को छोटी—मोटी इंजरी होने पर बिना किसी इंसानी मदद के, खुद को रिपेयर करने में सक्षम बनाता है. ठीक वैसे ही, जैसे इंसान का शरीर छोटी—मोटी समस्याओं को खुद दूर कर लेता है. पूरी खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.

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