बुक्स से बढती है ‘डिजायर’

माना जाता है कि 30 से 60 ईयर्स एज ग्रुप में करीब एक चौथाई फीमेल्स की लाइफ में एक ऐसा दौर आता है, जब उनकी सेक्स डिजायर लो होने लग जाती है. एक स्टडी के अकाॅर्डिंग, स्टेडंर्ड ईरोटिक बुक्स पढ़ने से इस प्राॅब्लम का सामना किया जा सकता है.

इस स्टडी में यह जानने की कोशिश की गई थी कि क्या इस बारे में लिखी गईं सेल्फ हेल्प बु्क्स या प्योरली फिक्शन ईरोटिका कुछ हेल्प कर सकते हैं. इसके तहत, 30 से 55 ईयर्स एजग्रुप वाली महिलाओं के दो ग्रुप बनाकर उन्हें दोनों तरह की किताबें एक जैसे इन्स्ट्रक्शंस के साथ दी गईं.

पार्टिसिपेंट्स को तीन वीक्स के बाद अपने एक्सपीरिएंस शेअर करने थे. सेल्फहेल्प बुक पढ़ने वाली 20 वूमैन को इसके बढ़िया रिजल्ट मिले, जबकि ईरोटिक पढ़ने वाली 27 वूमैन ने यही बात कही. दोनों ही ग्रुप को इन बुक्स ने, डिजायर, अराऊजल, आॅर्गेज्म, सेटिस्फेक्शन जैसे वे सब अहसास प्रोवाइड कराए, जो एक बेहतर लव मेकिंग के लिए जरूरी होते हैं.

Filed in: A-zone

You might like:

आ रहा है एसयूवीज का कारवां आ रहा है एसयूवीज का कारवां
हर दिन है खास हर दिन है खास
डाॅन्ट मिस इट… डाॅन्ट मिस इट…
लाइफ विदआउट सेक्स ? लाइफ विदआउट सेक्स ?
© A touch of tomorrow !. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by Theme Junkie.