कितनी परफेक्ट है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

IMG_20160506_222450आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के नफे-नुकसान और इसकी हदों से जुड़े बहुत सारे सवाल व तर्क-वितर्क अक्सर आपने सुने होंगे, लेकिन पिछले दो हफ्तों में अमेरिका और रूस में दो ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने इस गुत्थी को और उलझा दिया है.

पहली घटना रूस की है. इसमें एक रोबोटिक मशीन ने बिना किसी इंस्ट्रक्शन के एक ऐसा काम किया है, जो उससे अपेक्षित नहीं था.हालांकि उसने काम अच्छा किया और एक बच्ची की जान बचाने के लिए उसे भरपूर सराहना भी मिल रही है. रूस की पर्म पाॅलीटेक्निक यूनिवर्सिटी में तैनात, इस सेल्फ टीचिंग प्रोफेसर रोबोट यानी प्रोमोबोट ने एक बच्ची के ऊपर गिरते भारी शेल्फ को बीच में ही रोक दिया, नहीं तो वह उसके नीचे दब जाती.

वहीं अमेरिका वाली घटना में, वाशिंगटन डीसी की एक इमारत में कारपार्किंग और बिल्डिंग की रखवाली में लगाए गए एक एआई से युक्त रोबोट नाइटस्कोप ने कथित तौर पर फव्वारे में पानी में कूदकर ‘खुदकुशी’ कर ली. इसकी वायरल तस्वीरों से पता चलता है कि यह अपनी रेगुलर वाच के दौरान फव्वारे की ओर बढ़ा और उसमें गिर गया. हालांकि जिम्मेदार पक्ष इसे महज एक हादसा ही मान रहा है.

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इन दोनों मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोबोट की एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंट्रोलेबल है या कभी भी अपनी तय सीमा से कम या उससे बाहर जाकर परफाॅर्म कर सकती है? जहाँ तक अमेरिका वाली घटना का प्रश्न है, इसमें वह अपनी मर्जी से गिरा हो या दुघर्टनावश, यह भले ही पता न चला हो, लेकिन इतना तो तय है कि अगर यह असावधानी में हुआ तो इसका अर्थ यही है कि या तो उसे आने वाली मुसीबत से बचना सिखाया नहीं गया, या फिर वह सही वक्त पर सही डिसीजन न ले सका. फिर यह सवाल भी लाजिमी है कि अगर वह अपनी सुरक्षा नहीं कर सकता, तो उससे दूसरी चीजों की सुरक्षा के काम में भी चूक हो सकती है. और अगर उसने खुदकुशी की है तो यह और भी खतरनाक है, क्योंकि यह वह कार्य है, जिसके लिए उसके दिमाग में इंस्ट्रक्शन कतई नहीं डाले गए होंगे.

अनइंस्ट्रक्टेड एक्टिविटी का ही एक और उदाहरण रूस वाली घटना है, जिसमें बेशक एक नेक काम हुआ, लेकिन प्रोमोबोट का यह फैसला आकस्मिक था. क्या इससे यह चिंता करना गलत है कि यह आकस्मिक फैसले इंसान की सुरक्षा के खिलाफ भी हो सकते हैं. आज जो रोबोट बिना किसी निर्देश के जान बचा सकता है, वह कल किसी की जान ले भी तो सकता है. दो साल पहले जर्मनी में एक ऐसी ही घटना हुई थी, जब एक ह्यूमैन वर्कर, मशीन के द्वारा मारा गया था. इस घटना को लेकर दुनिया भर में काफी चर्चा हुई, लेकिन फिर इसे एक हादसा करार देकर भुला दिया गया.

रोबोट, प्रजनन के छोड़ लगभग जीवन के हर क्षेत्र में पैर पसार चुके हैं. साइंस फिक्शनों में तरह-तरह से अक्सर यह चेतावनी दी जाती रही है कि अगर एक बार भी हमने मशीनों पर से अपना नियंत्रण खो दिया तो उन्हें हमारे सेवक से मालिक में बदलते देर नहीं लगेगी. क्या हम उस दिन के लिए तैयार हैं?

संदीप अग्रवाल
एडिटर-इन-चीफ

 

 

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Filed in: Editor's Desk, Robotology

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