थर्टी टाइम्स अ डे !

सेक्स एक ऐसी चीज है, जिसके बारे में एक नाॅर्मल इंसान रेगुलरली कुछ न कुछ सोचता ही है. लेकिन, हम दिन में कितनी बार इस बारे में सोचते हैं, इस बारे में अभी तक पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता. एक रीसेंट स्टडी ने इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश की है. स्टडी का दावा है कि एक एवरेज पर्सन हर 50 मिनट में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में जरूर सोचता है. यानि दिनभर में करीब तीस बार. कई बार वह सेक्स को खाने-पीने से भी ज्यादा इम्पोर्टेंस देता है. स्टडी कंडक्ट करने वाले यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के रिसचर्स ने इसका रीजन भी खोज निकाला है.
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उनका कहना है कि इंसान ब्रेन के जरिए ही सेक्स करता है. सेक्स के बारे में ज्यादा सोचने के लिए हमारे बे्रन के दो एडिशनल सेल्स रिस्पाॅन्सिबल होते हैं, जो इस थिंकिंग प्रोसेस को एक्सटेंड करते हैं. ये सेल्स रेंगने वाले छोटे कीड़े (वॉर्म) की तरह होते हैं, जो साइज में बहुत स्माल होते हैं. ये सेल्स दो तरह के होते हैं, जिनमें एक का जेंडर फीमेल और दूसरे का हरमैफ्रोडाइट होता है. हरमैफ्रोडाइट एक मॉडिफाइड फीमेल वर्जन है, जिसे रि-प्रोडक्शन के लिए सेक्स की जरूरत नहीं होती और वह खुद ही डिवाइड होकर नए सेल्स क्रिएट करता रहता है. इसे सीक्रेट सेल्स का भी नाम दिया गया है. इनिशिअली मर्दों पर की गई इस स्टडी से यह समझने में भी मदद मिलने की उम्मीद की जा रही है कि मैन और वूमैन सेक्स के बारे में किस तरह से अलग-अलग सोचते हैं.
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