इतनी संपदा का क्या करेंगे?

मिलियन,बिलियन,ट्रिलियन तक तो आपने सुना होगा, लेकिन क्या क्वाड्रिलियन का मतलब जानते हैं? हिंदी में यह संख्या एक करोड़ शंख के बराबर होती है. अभी भी नहीं समझे ना? चलो 10 के आगे 15 जीरो और लगा लीजिए. यह है क्वाड्रिलियन. अब इसे दस हजार से गुणा कीजिए. या पाँच जीरो और लगा दीजिए. इतने डॉलर को दुनिया के सब लोगों को बराबर बाँटा जाए तो, मान लेते हैं ​कि विश्व की आबादी अभी सात अरब है, तो हर आदमी के हिस्से में करीब सवा चौदह अरब रुपए आते हैं. अगर इतने डॉलर आपको मिल जाएं तो आप क्या करेंगे, कभी सोचकर देखिए.

यह मुमकिन हो सकता है, अगर नासा को अपने 16 साइ​की नाम के एक मिशन में सफलता मिलती है, जिसमें वह एक 226 किलोमीटर चौड़े लंबे क्षुद्रग्रह यानी एस्ट्रॉयड की थाह पाने की कोशि कर रहा है.

यह एस्ट्रॉयड दरअसल सोने और दूसरी ऐसी अनेक बेशकीमती धातुओं का भंडार माना जा रहा है, जो धरती की अर्थव्यवस्था की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं. यह अद्भुत एस्ट्रॉयड हमारे सौर मंडल की एस्ट्रॉयड बेल्ट में मंगल और बृहस्पति के बीच मौजूद है. अद्भुत इ​सलिए कि जहाँ दूसरे एस्ट्रॉयड बर्फ, पत्थरों जैसे पदार्थों से बने होते है, यह सोने, लोहे और निकेल जैसी धातुओं से बना है. जिसकी वजह से इसकी कीमत इतनी ज्यादा आँकी गई है.

रिसर्चर्स का अनुमान है कि इसका गर्भ क्षेत्र हमारे ग्रह से बहुत ज्यादा भिन्न नहीं है और यह किसी मृत ग्रह का भीतरी हिस्सा हो सकता है, जिसकी बाहरी परत किसी बड़ी ​दुर्घटना या किसी और वजह से नष्ट हो गई होगी.

ब्रह्मांडीय संपदा के बारे में यह कोई चौंकाने वाली बात इसलिए नहीं है, क्योंकि वैज्ञानिक पहले भी इस तरह के नतीजे पेश कर चुके हैं. करीब 25 साल पहले एक खबर आई थी कि आकाशगंगा में हीरों के विशाल भंडार छिपे हो सकते हैं. पिछले ही साल खबर आई थी कि शनि ग्रह पर हीरों की बारिश होती रहती है. इससे पहले, अगस्त 2011 में अमेरिका और फ्रांस के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने ’55 कैंक्री ई’ नाम का एक ऐसा ग्रह खोज निकाला था, जो हीरे का बना हुआ हो सकता है. इस ग्रह का आकार पृथ्वी के आकार का दोगुना है और यह अपने से 40 प्रकाश वर्ष दूर एक सूर्य जैसे एक तारे का चक्कर लगा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यह इस तारे की परिक्रमा इतनी तेजी से पूरी करता है कि यह चक्कर, या यूँ कहें कि इस ग्रह का एक साल सिर्फ 18 घंटे में पूरा हो जाता है.

आकार में पृथ्वी से दोगुने और आठ गुना घनत्व वाले इस ग्रह की सतह अन्य ग्रहों की तरह पानी और ग्रेनाइट की बजाए हीरे और ग्रेनाइट से बनी है. अगर
आप इसकी मदद से समृद्ध होने का सपना देख रहा हैं तो यह भी जान लीजिए कि यह धरती से चार हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर है और इसका तापमान आश्चर्यजनक रूप से काफी अधिक 648 डिग्री सेल्सियस है, यानी आपकी सहनशक्ति से करीब 600 डिग्री सेल्सियस ज्यादा.

वैसे सोचा जाए तो अगर सभी को इतनी अकूत संपदा मिल भी जाए तो किसी काम की नहीं है. क्योंकि अव्वल तो जब हर आदमी के पास इतनी संपदा होने के कारण आप उसे कोई लाभ या लोभ देकर उससे कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे और न ही कोई काम ले पाएंगे. अगर समाज चलेगा तो आपसी रिश्तों, एक—दूसरे के प्रति भावनाओं और संवेदनाओं की वजह से. पैसे की इस बीच में कोई भूमिका नहीं रहेगी. इसलिए आपके पास मौजूद यह सोना या हीरा किसी काम का नहीं होगा.

संदीप अग्रवाल

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